Monday, May 26, 2014

मैं, नरेन्द्र दामोदरदास मोदी

मैं, नरेन्द्र दामोदरदास मोदी
करता हूँ ग्रहण शपथ ये
करुं मातृ सेवा जीवनभर
पल पल बीते इस पथ पे ।

अध्यात्म केंद्र जीवन का
पर राष्ट्र का ऋण बाकी है
एक जन्म का नहीं ये किस्सा
जन्मों से कृपा माँ की है ।

कई वर्ष तपा हूँ मैं भी
तप कर ही बना हूँ कुंदन
संग तू भी तपी थी मेरे
मुझे याद है तेरा क्रंदन ।

पर कब रोया है भारत
इतना सब दुख पा कर भी
दुख देने वाले हारे
उभरा फिर से भारत ही ।

माना कई काम हैं करने
साकार हमारी दृष्टी
मेहनत और लगन हमारी
कर देंगी इसकी पुष्टी ।

लोगों को बड़ी उम्मीदें
और होनी भी चाहिए
एक एक कदम बढ़ना है
मिलकर चलें अब आइए ।

मैं, नरेन्द्र दामोदरदास मोदी
तुम्हारी अगुआई तो करूंगा
चलना सबको है आगे
इस बात को फिर से कहूँगा ।


मैं, नरेन्द्र दामोदरदास मोदी
करता हूँ ग्रहण शपथ ये
करुं मातृ सेवा जीवनभर
पल पल बीते इस पथ पे ।

12 comments:

  1. Very touchy.......Awesome...

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  2. beautiful ,, straight out of heart ,, nice

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  3. समस्त शंकाओं के साथ आशान्वित हूँ कि मोदी जी आपको निराश नहीं करेंगे|

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    1. Bahut Negative Attitude hai aapka...par theek hai...hu log to aage jaa rahe hain.

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  4. Its a pleasurereading such beautiful lines

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  5. बहुत खूब लिखा आपने

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