Sunday, July 15, 2012

मित्रों, आता है नरेंद्र मोदी।


देदी हमे आज़ादी बिना खड्ग, बिना ढाल
अब समझे हम, ये थी अंग्रेज़ों की चाल।

भागे वो नेताजी से, आज़ाद, लाल, बाल और पाल
सब कुछ साफ साफ है, फिर क्यों हैं मन मे सवाल।

स्वतंत्रता की सेना का सैनिक नहीं दिखता एक
नेहरू और नीच कांग्रेस रहे हैं रोटी सेक।

ताकत के चक्कर मे देश को तोड़ के किया अनेक
सौ करोड़ की आबादी मे रहा न कोई नेक।

जात-पात और हिंदू-मुस्लिम यही सुनाई देता
साथ ले चले भारत को, है क्या कोई ऐसा नेता।

तड़प रहे हैं बच्चे, ढूंढें भारत माता की गोदी
दूर नहीं वो दिन मित्रों, आता है नरेंद्र मोदी।

8 comments:

  1. Beautiful!
    India has suffered enough at the hands of its own perfidious ones,bloody foreign plunderers followed by again rapacious sons & daughters of the soil....time its lost glory is resurrected....!!Tathaastoo!!

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    1. Yeah....its time we make these issues clear...

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  2. अद्बुत कृति !

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  3. http://jhindu.blogspot.in/2012/07/blog-post_15.html

    ताज महल और उसकी असलियत - डॉ. पी. एन- ओक

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    1. I have the book...of Dr. P N Oak...most of his books, in fact. :-D

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  4. Awesome.
    Some of us don't seem to realise the danger the country is in because of various factors.

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